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पत्रकार पोहा वाला: 13 साल तक की पत्रकारिता, नौकरी छूटी तो अपने ही ऑफिस के सामने बेचने लगा पोहा।
ईद के संबंध में शांति समिति मीटिंग ps मोतीनगर में आयोजित की गई।
ईद और गणपती उत्सव और शहर में त्यौहार शांति पूर्वक हो जिसको लेकर पुलिस का फिलेग मार्च ।
मालथौन ।  गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने 12 बजे मालथौन पहुंचकर शासकीय महाविद्यालय का किया औचक निरीक्षण किया जहां विद्यालय में लाइट और पंखे की कमी को लेकर कॉलेज के उच्च अधिकारियों से चर्चा की और एक हफ्ते में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की बात कही । भान सिंह यादव मालथौन
बच्चों की जान बचाने वाले हेड कांस्टेबल को मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पचास हजार रूपये का पुरस्कार देने की घोषणा

भोपाल ।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर जिले के हेड कांस्टेबल श्री अभिषेक पटेल को 400 बच्चों  जान बचाने के लिये पचास हजार रूपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने सागर के चितोरा गांव के माध्यमिक स्कूल के पास पड़े तोप के गोले को अपने कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर दौडे और दूर फेंक दिया। उस समय वहां 400 बच्चे थे। हालांकि गोला फटा नहीं और सभी सुरक्षित रहे लेकिन श्री पटेल ने जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया वह अनुकरणीय है।
मालथौन(सागर) ब्रेकिंग
सर्प के डसने से बुजुर्ग की मौत रामचरण आदिवासी 60 वर्ष  खेत पर सो रहा था तभी अचानक एक सांप ने उसे डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई मालथौन थाना क्षेत्र के अमारी गांव का मामला
सागर। केंट थाना क्षेत्र के सदर इलाके में एक मेडिकल स्टोर में आग लग गयी आग को देख ।आस पास भीड़ जुट गयी मौके पर क्षेत्र के लोगो ने आग पर काबू पाया । पुलिस मौके पर रही ।लोगो ने बताया कि मेडिकल स्टोर में शार्ट सर्किट से आग लगी है स्टोर का नाम श्याम मैडिकल है।
किसान संघर्ष समिति द्वारा मेधा पाटकर, विजय, शंटू और धुरजी की बिना शर्त रिहाई को लेकर 21 मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
शिवसेना और विधि छात्र परिषद मध्यप्रदेश सहित अनेक संगठन सम्मलित हुए।
सागर /21 अगस्त 2017 किसान संघर्ष समिति ने आज 21 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान संघर्ष समिति की जिला इकाइयों द्वारा नर्मदा बचाओ आंदोलन एवं जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय की नेत्री सुश्री मेधा पाटकर, विजय, शंटू और धुरजी भाई की बिना शर्त रिहाई को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। और आज सागर  में भी आज अधिवक्ता दीपक पौराणिक के संयोजन में ज्ञापन में नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर लादे गये सभी फर्जी मुकदमें वापस लेने, पुलिस दमन एवं फर्जी प्रकरण बनाने के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने एवं 40 हजार परिवारों का संपूर्ण पुनर्वास करने जैसे मुद्दों को लेकर यह ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आंदोलनकारियों के साथ तुरंत बातचीत की मांग भी की जाएगी।
अब तक धार जिले के थाना कुक्षी में 8 प्रकरण, बड़वानी में 12 प्रकरण हजारों कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गये हैं। धार एसडीएम न्यायालय में भी मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन, सरदार सरोवर के विस्थापितों पर झूठे मुकदमें लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर रही है ताकि आन्दोलन कमजोर पड़ जाए और सरकार अपनी मनमानी कर सके। सम्पूर्ण पुनर्वास तथा बिना मूलभूत सुविधाओं के अपने मूल गाँव खाली करने के लिए लोगों पर दबाव बनाया जा  रहा है। मुख्य कार्यकर्ताओं और प्रमुख लोगों को कानूनी मामलों में उलझाकर, जेल में बंद करके सरकार लोगों में भय पैदा कर उन्हें पुनर्वास स्थलों को तैयार किये बिना, गाँव छोड़ने को मजबूर करने पर आमादा है। लेकिन तानाशाही से डरने की बजाय और मजबूती के साथ नर्मदा बचाओ आंदोलन और अधिक प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ रहा है। घाटी के नागरिकों में सरकार के प्रति आक्रोश और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ रही है, घाटी में “बिना पुनर्वास हटेंगे नहीं” नारे लगातार तेज होते जा रहे हैं। 
7 अगस्त को चिखल्दा गाँव में पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण अनशन को बलप्रयोग द्वारा जबरन तोड़कर अनशनकारियों को गिरफ्तार करने से शुरू हुआ, भयानक आतंक फैलाने का सिलसिला अभी भी जारी है।  विजय, शंटू, धुरजी भाई को गिरफ्तारी के 11 वें दिन तथा मेधा पाटकर को 13 वें दिन भी रिहा नहीं किया गया है। 307 (हत्या की कोशिश का मामला) तथा 365 (अपहरण) जैसे गंभीर आरोपों में शांतिपूर्ण आन्दोलन के कार्यकर्ताओं को फंसाकर सरकार जबरन गाँव खाली कराने की पूरी तैयारी में है लेकिन वहीँ विस्थापित भी पूरी ताकत के साथ अपनी सम्पूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर डटे हैं।
कल नर्मदा बचाओ आन्दोलन के 80 कार्यकर्ताओं को बिना किसी शर्त कोर्ट द्वारा बरी कर दिया गया, जिन पर पुलिस द्वारा झूठे आरोप लगाए गए थे; परन्तु अभी भी हजारों अज्ञात लोगों पर मुकदमे लगाए गए हैं।  बिना किसी अपराध के लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, अहिंसक नागरिकों पर हिंसक कार्यवाही की जा रही है, व हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं जिससे आन्दोलन को समाप्त किया जा सके, लोगों की आवाजों को दबाया जा सके और हर उस संघर्ष को खत्म किया जा सके जो सरकार के भ्रष्टाचार, अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण नीतियों को उजागर करता है।    
नर्मदा बचाओ आंदोलन ने ऐलान किया है कि पुलिस प्रशासन जितने कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमे लगाकर गिरफ्तार करेगी, हम उससे अधिक संख्या में गिरफ्तारी देंगे। 
हमारी ताई मेधा पाटकर एवं अन्य साथियों की गिरफ्तारी तथा 40 हजार परिवारों के संपूर्ण पुनर्वास को लेकर देश और दुनिया में रोज विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अब तक पंद्रह सौ से अधिक विरोध कार्यक्रम देश में तथा दुनिया के 42 देशों में किये जा चुके हैं।
**एड दीपक पौराणिक 
प्रवक्ता किसान संघर्ष समिति,
प्रदेशाध्यक्ष विधि छात्र परिषद मध्यप्रदेश**
सौजन्य - मनोज रायकवार जिला अध्यक्ष भाजपा मांझी प्रकोष्ट सागर।
बिग ब्रेकिंग---पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर के पास खतौली में दुर्घटना ग्रस्त,
सागर ..में अभी जिन्दा हूँ
पीली कोठी  दरगाह की 40 दीनो बाद सील तिजोरी खुली
छतरपुर-पुलिस लाइन छतरपुर में आयोजित हुआ सैनिक एवं पुलिस दरबार
सौजन्य - आकाश जाटव (अक्कू)
 सागर ।उत्साह उमंग आनन्द के साथ सागर विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित दही हांडी (मटकी फोड)प्रतियोगिता 2017 हुई सम्पन्न।
सागर । मध्य्प्रदेश महिला आयोग की बेंच ने आज सुनवाई की । अध्यक्ष लता वानखेड़े ने विभिन्न  मामलों में आवश्यक निर्देश दिए ।
*महापौर दरे को नीचा दिखाने षड्यंत्रकारियों ने राष्ट्रध्वज का अपमान करा दिया*

निगम में चल रही टुच्ची राजनीति
 
सागर।  दीनदयालजी की भाजपा   के नेताओं जनप्रतिनिधियों की नैतिकता खूंटी पर टंगी नजर आ रही है। इसकी बानगी निगम में स्वतंत्रता दिवस पर सामने आ गई। महापौर को नीचा दिखाने के लिए कतिपय भाजपाईयों और उनके सरकारी अनुयाइयों ने राष्ट्रध्वज की आड़ लेकर महापौर की किरकिरी के साथ तिरंगे का  अपमान तक करा दिया।

पावर विहीन महापौर अभय दरे निगम में राष्ट्रध्वज न फहरा सके इसके लिए भाजपा के ही कतिपय जनप्रतिनिधियों ने हफ्ते भर तक लॉबिंग की। आयुक्त ने एक्ट खंगाला और अभय दरे को पात्र माना। 
अब कहानी में षड्यंत्र शुरू, निगम में स्वतंत्र दिवस पर जब महापौर अभय दरे ने तिरंगा फहराने के लिए डोरी खींची तो नॉट (गठान) नहीं खुली। एक, दो, तीन, चार, पाँच प्रयास, लेकिन असफलता। हास्य-परिहास के साथ महापौर को नीचा दिखाने में षड्यंत्रकारियों की चाल कामयाब। महापौर तिरंगा नहीं फहरा सके। घनघोर बेज्जती!
*ये क्या सरफुन्द की जगह गाँठने*
असमंजस के बीच लोहे की सीढ़ी (नसेनी) बुलबाई, एक कर्मचारी तिरंगे तक पहुंचा तो पता चला कि डोरी में सरफुन्द की जगह जानबूझकर 2 गठाने लगी थीं पहले हाथ से, फिर दांतो से प्रयास किया नहीं खुली। नीचे से आवाज आई काट दो। ये क्या ब्लेड भी मौके पर तैयार थी। ब्लेड चली और नॉट काट गई। महापौर ने डोरी खींचने की रस्म अदायगी छूकर कर दी। 
*तिरंगे में फूल भी नहीं बांधे*
मौके पर मौजूद कतिपय निष्पक्ष पार्षद, कर्मचारियों की माने तो तिरंगे में पुष्प भी नहीं बांधे गए थे। 
कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस पर जो कुछ निगम में हुआ वह टुच्ची राजनीति की बानगी थी जिसमें महापौर को नीचा दिखाने में उनके कतिपय विरोधियों ने राष्ट्रध्वज का अपमान भी करा दिया। ये वही लोग हैं जिन्हें जनहित से ज्यादा महापौर की कुर्सी का लालच दिख रहा है।
मेधावी छात्रा तुलसा कुर्मी ग्राम पिपरई पंचायत बेलईमाफी की रहने बाळी हे।इस लडकी के गांब मे आजादी के बाद से कोई    12वी पास नही था।लेकिन तुलसा पहली गांव की बेटी हे। जो अच्छे अंको से उर्त्तीण हुई।और गांव के बच्चो को प्रेरणक बनी।
विज्ञापन। सौजन्य - शिद्दीक राईन अल्पसंख्यक प्रदेश उपाध्यक्ष